नरसिंह जयंती पर ज्योतिर्मठ में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजी शंकराचार्य की नगरी, ITBP बैंड ने भक्ति से सराबोर किया माहौल

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​ज्योतिर्मठ। देवभूमि उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र ज्योतिर्मठ में गुरुवार को आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था ‘नरसिंह जयंती’ के पावन पर्व का, जहाँ भगवान विष्णु के चौथे अवतार के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। पहली बार रिकॉर्ड तोड़ संख्या में पहुँचे श्रद्धालुओं और सेना के बैंड की भक्तिमयी धुनों ने पूरी नीती घाटी को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) द्वारा आयोजित इस जन्मोत्सव में पूरा मंदिर परिसर दिव्य आभा से सराबोर नजर आया।

​देशी-विदेशी फूलों से महका मंदिर परिसर

​जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में प्राचीन नरसिंह मंदिर को किसी दुल्हन की तरह सजाया गया था। BKTC के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि मंदिर की सजावट के लिए लगभग 25 कुंतल देशी और विदेशी फूलों का उपयोग किया गया, जिससे समूचा परिसर सुगंधित हो उठा। सुबह की पहली किरण के साथ ही श्रद्धालुओं का ताता लगना शुरू हो गया था। इस वर्ष मुख्य आकर्षण भारतीय सेना की आईटीबीपी (ITBP) का बैंड रहा। बैंड की भक्तिमयी धुनों पर श्रद्धालु खुद को झूमने से नहीं रोक पाए और पूरा वातावरण ‘नरसिंह भगवान की जय’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा।

​पौराणिक गाथा: जहाँ शांत हुआ था प्रभु का क्रोध

​धार्मिक मान्यताओं पर प्रकाश डालते हुए आचार्य प्रदीप सेमवाल ने बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भगवान विष्णु ने भक्त प्रहलाद की रक्षा हेतु खंभे को चीरकर ‘नरसिंह अवतार’ लिया था। हिरण्यकश्यप का वध करने के पश्चात भी जब भगवान का भीषण क्रोध शांत नहीं हुआ, तब वे हिमालय की गोद में स्थित इसी पावन स्थल पर आए थे। यहाँ पहुँचने पर उनका क्रोध शांत हुआ और वे ‘शांत स्वरूप’ में विराजमान हुए। यही कारण है कि इस मंदिर का विशेष महत्व है और यहाँ दर्शन मात्र से भक्तों के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं।

​महा-अभिषेक और गोधूलि बेला की आरती

​उत्सव का आरंभ ब्रह्ममुहूर्त में विशेष पूजा-अर्चना और महा-अभिषेक के साथ हुआ। शाम को ‘गोधूलि बेला’ के पावन समय पर भगवान नरसिंह का भव्य श्रृंगार अभिषेक संपन्न किया गया। दूध, दही, घी, शहद और पंचामृत से प्रभु को स्नान कराने के बाद देर रात तक महा-आरती का आयोजन चला। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद आयोजित होने वाले इस उत्सव में यात्रियों की भारी भीड़ ने प्रशासन और मंदिर समिति के उत्साह को भी दोगुना कर दिया है।

​गणमान्य जनों की उपस्थिति

​इस भव्य आयोजन के दौरान मंदिर के पुजारी सुशील डिमरी, देव पुजाई समिति के अध्यक्ष अनिल नंबूदरी, उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र सती, सचिव प्रकाश नेगी और नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह ,नगर भाजपा अध्यक्ष अमित सती सहित सोहन बैजवाणी,अमित नामण सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

 

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