संस्कृत महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन प्रभावित, वेद आचार्य के अभाव पर उठे सवाल

Listen to this article

ज्योतिर्मठ : श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से संबद्ध संस्कृत महाविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी के चलते पठन-पाठन की व्यवस्था चरमरा गई है। सबसे गंभीर स्थिति वेद विषय की है, जहाँ आचार्य के न होने से छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। इस समस्या को लेकर देव पुजाई समिति ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंदिर समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है..

देव पुजाई समिति का आरोप है कि महाविद्यालय में कार्यरत वेद विषय के एकमात्र आचार्य को श्री बदरीनाथ मंदिर में वेदपाठी के कार्य हेतु तैनात कर दिया गया है। इसके चलते विद्यालय में अब वेदों का ज्ञान देने वाला कोई भी शिक्षक मौजूद नहीं है। समिति के अध्यक्ष **अनिल न नंबुदरी और उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र सती ने कहा कि वेदों की शिक्षा के लिए प्रसिद्ध इस संस्थान में मुख्य विषय के ही शिक्षक का न होना छात्रों के हित में नही है।

मामले की गंभीरता पर संस्कृत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद पंत ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि व्यवस्था के तहत ही अध्यापक को वर्तमान में बदरीनाथ धाम भेजा गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि विद्यालय में केवल वेद ही नहीं, बल्कि हिंदी, राजनीति विज्ञान, ज्योतिष और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के पद भी रिक्त चल रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि विद्यालय प्रशासन अपने स्तर से वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर रहा है ताकि छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो।

गौरतलब है कि बद्रीनाथ धाम में वेदपाठी का पद वर्षो से खाली चल रहा है हालांकि इस पर परीक्षाएं हो चुकी है लेकिन अभी तक परीक्षा परिणाम जारी नहीं किए गए हैं वर्षों से स्थानीय लोग भी वेदपाठी पदों पर नियुक्ति की मांग करते आए हैं लेकिन अभी तक मंदिर समिति के द्वारा वेदपाठी की नियुक्ति नहीं की गई है।

More From Author

देहरादून नगर निगम बोर्ड बैठक में हंगामा, अतिक्रमण पर सख्ती, 715 पदों पर भर्ती को मंजूरी

घर और बाहर दोनों मोर्चों पर सक्रिय महिलाएं, काम का बोझ अब भी तीन गुना, पुरुष केवल इतने मिनट करते हैं काम

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930