संकट में फंसे जीवन को संजीवनी दे रही हेम्स, 144 लोगों के लिए संकटमोचक बनी एम्स की हेली इमरजेन्सी मेडिकल सर्विस

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  • दुर्घटना और आपदा में त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं को मिल रही मजबूती
  • राज्य सरकार की मदद से निर्बाध रूप हो रहा सेवा का संचालन

ऋषिकेश : एम्स ऋषिकेश द्वारा संचालित हेली इमरजेन्सी मेडिकल सर्विस से अब तक सैकड़ों लोगों का जीवन बचाया जा चुका है। इस सेवा से न केवल दूर दराज के क्षेत्रों में दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के दौरान एम्स पंहुचाने में मदद मिल रही है अपितु आपात स्थिति वाले गंभीर रोगी को भी त्वरित स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। पिछले एक वर्ष के दौरान ही इस सेवा के माघ्यम से आपात स्थिति वाले 81 लोगों को अस्पताल पहुंचाकर समय रहते उनका इलाज उपलब्ध करवाया जा चुका है। राज्य सरकार के सहयोग से उपलब्ध करवाए जा रही हेली सेवाओं की मदद से यह सेवा निर्बाध रूप से जारी है।

हेली एम्बलेंस पायलट प्रोजेक्ट के तहत 29 अक्टूबर 2024 को एम्स ऋषिकेश में हेली एम्बुलेंस मेडिकल सेवा शुरू हुई थी। केन्द्र और राज्य सरकार की साझेदारी में संचालित होने वाली देश की यह पहली एयर एबुंलेंस सेवा सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में फंसे व्यक्ति और स्वास्थ्य कारणों से संकट में फंसे रोगियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं आंकी जा सकती। इससे प्रदेश के किसी भी इलाके से गंभीर घायल अथवा संकटग्रस्त रोगी को कुछ ही समय के भीतर एम्स पंहुंचाये जाने की सुविधा है। विशेष तौर से ट्राॅमा मामलों और आपदा के दौरान किसी व्यक्ति को समय पर अस्पताल पंहुचाने में इस सेवा का विशेष लाभ मिल रहा है। राज्य में आपात कालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा दे रही ’हेम्स’ स्वास्थ्य सुविधा अब तक 144 लोगों के लिए संकट मोचक साबित हो चुकी है।

निर्बाध रूप से जारी है ’हेम्स’ सेवा

ऋषिकेश। पिछले वर्ष 17 मई 2025 को केदारनाथ में लैंडिंग करते समय ’संजीवनी’ के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बावजूद हेली सेवाओं के माध्यम से आपात स्थिति वाले रोगियों को एम्स पंहुचाये जाने का क्रम लगातार जारी है। इस मामले में 18 मई 2025 से ही राज्य सरकार आवश्यकता के अनुसार एम्स को तत्काल हेली सेवा उपलब्ध करवा रही है। संस्थान में ’हेम्स’ के नोडल अधिकारी डाॅ. मधुर उनियाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे हेलीकाॅप्टर सेवा की मदद से आपातकालीन एयर एंबुलेंस सेवा में कोई रूकावट नहीं आयी है। उन्होंने बताया कि अपादाग्रस्त और गंभीर श्रेणी के मरीजों को तत्काल व उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एम्स व राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से संचालित यह आपातकालीन सेवा लगातार जारी है। डाॅ. उनियाल ने बताया कि संस्थान द्वारा इसके लिए टोल फ्री नंबर- 18001804278 और व्हाट्सएप नंबर 9084670331 जारी किया गया है। इन नंबरों पर संपर्क कर हेम्स सर्विस के लिए मदद ली जा सकती है।

ट्राॅमा के 64 पेशेन्टों सहित 28 महिलाओं को भी मिल चुका लाभ

ऋषिकेश। हेली इमरजेन्सी मेडिकल सर्विस (हेम्स) सेवा की बदौलत 29 अक्टूबर 2024 से 17 मई 2025 तक इलाज हेतु कुल 63 गंभीर लोगों को एम्स पंहुचाया गया। इनमें ट्रॉमा के 27, स्त्री व प्रसूति रोग संबंधी मामलों के 17, हृदय व मेडिसिन के 17 और नवजात शिशुओं के 2 मामलों के रोगी शामिल हैं। जबकि केदारनाथ में ’संजीवनी’ क्रैश हो जाने के बाद राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही हेली सर्विस की मदद से 18 मई 2025 से 25 अप्रैल 2026 तक 81 लोगों को इस सेवा का लाभ मिला है। इनमें ट्रॉमा के 37, स्त्री व प्रसूति रोग के 11, मेडिसिन के 27 और बालरोग के 6 मामले शामिल हैं।

’’संस्थान सभी प्रकार के गंभीर रोगियों के उपचार हेतु सदैव तत्पर है। हेलीकॉप्टर के माध्यम से जो भी रोगी अब तक यहां लाए गए हैं, वे सभी अत्यंत गंभीर अवस्था में थे। संस्थान उन्हें उच्चस्तरीय (टर्शियरी केयर) उपचार प्रदान करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। ’हेम्स’ द्वारा अब तक प्राप्त परिणाम अत्यंत सकारात्मक और संतोषजनक रहे हैं। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत ’हेम्स’ सेवा की आवश्यकता और इसके उपयोग में वृद्धि होने की संभावना है।’’

 – प्रो. मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक, एम्स ऋषिकेश।

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