“गंगा मां” भजन से छाए कोटद्वार के अनूप अन्थवाल, देवभूमि की आस्था को दी नई आवाज, सीएम धामी ने किया शुभारंभ

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  • हरिद्वार-ऋषिकेश में हुई शूटिंग, देवभूमि की आस्था और संस्कृति को भजन के माध्यम से किया जीवंत

कोटद्वार : देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और आस्था को अपने सुरीले भजनों के माध्यम से विश्व पटल पर पहचान दिलाने वाले कोटद्वार के युवा भजन गायक अनूप अन्थवाल का नया भजन ‘गंगा मां’ इन दिनों सोशल मीडिया और संगीत प्रेमियों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस भजन का भव्य शुभारंभ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया, जिससे इस प्रस्तुति को एक विशेष पहचान मिली है।

देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत करने वाले भजन गायक अनूप अन्थवाल एक बार फिर अपने नए भजन ‘गंगा मां’ के जरिए सुर्खियों में हैं। इस भजन की शूटिंग हरिद्वार और ऋषिकेश की पावन भूमि पर की गई है, जहां मां गंगा की भव्यता और आस्था को बेहद आकर्षक तरीके से दर्शाया गया है। अनूप अन्थवाल इससे पहले भी श्री सिद्धबली धाम, मां ज्वालपा धाम और ताड़केश्वर धाम जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर आधारित भजनों की एक लंबी श्रृंखला प्रस्तुत कर चुके हैं। उनके भजनों की खास बात यह है कि इनमें पौड़ी जिले के धार्मिक स्थलों के साथ-साथ आसपास की मनमोहक वादियों को भी खूबसूरती से दर्शाया जाता है। नए भजन ‘गंगा मां’ में भी उत्तराखंड की लोक संस्कृति, बोली-भाषा और गंगा नदी के आध्यात्मिक महत्व को प्रमुखता से उभारा गया है। भजन के माध्यम से न सिर्फ आस्था बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

अध्यात्म और सौंदर्य का अनूठा संगम

‘गंगा मां’ भजन की शूटिंग हरिद्वार और ऋषिकेश के पावन तटों पर की गई है। भजन के वीडियो में मां गंगा की भव्यता, आरती के अलौकिक दृश्य और उत्तराखंड की आध्यात्मिक आभा को बेहद खूबसूरती से फिल्माया गया है। अनूप अन्थवाल ने अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं को भक्ति के सागर में डूबने पर मजबूर कर दिया है।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

अनूप अन्थवाल केवल एक गायक ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के धार्मिक दूत के रूप में भी उभरे हैं। इससे पहले वे श्री सिद्धबली धाम, मां ज्वालपा धाम और ताड़केश्वर धाम जैसे प्रसिद्ध सिद्धपीठों पर आधारित भजनों की एक लंबी श्रृंखला के जरिए पौड़ी जिले और उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को विश्व के सामने ला चुके हैं। उनके भजनों में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, स्थानीय बोली और देवभूमि की आस्था का अद्भुत पुट देखने को मिलता है।

परिजनों और प्रशंसकों में हर्ष

इस उपलब्धि पर अनूप के पिता और उत्तराखंड राज्य गो सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. पंडित राजेंद्र अन्थवाल ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भजन की जानकारी देते हुए इसे देवभूमि की संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने का एक सार्थक प्रयास बताया।

सोशल मीडिया पर मिल रही भारी सराहना

‘गंगा मां’ के रिलीज होते ही प्रवासी उत्तराखंडियों सहित देश-विदेश में बसे श्रद्धालुओं ने इस भजन की जमकर सराहना की है। यूट्यूब पर इसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। जो दर्शक अनूप अन्थवाल की इस नई प्रस्तुति का आनंद लेना चाहते हैं, वे इसे उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर देख और सुन सकते हैं।

 

 

 

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